खिलौनों का toys wholesale business शुरू करने से पहले मैंने खुद वही गलती की थी जो ज्यादातर लोग करते हैं: सस्ता माल देखकर ऑर्डर दे दिया, और BIS के नियमों की जानकारी बाद में हुई। आज भी भारत का 70% से ज्यादा खिलौना बाजार चीन पर निर्भर है। दिल्ली के सदर बाजार में ₹2,500 में बिकने वाला RC कार यिवू के मार्केट में ₹600-900 का मिल जाता है। फर्क सिर्फ सही प्रोडक्ट चुनने और कागजी तैयारी का है। नीचे मैं वही list of toys imported from china to india दे रहा हूँ जो इस वक्त सबसे तेज चल रही है, असली कीमतों और मार्जिन के साथ।
सबसे ज्यादा बिकने वाले खिलौने: कीमत और मार्जिन का पूरा हिसाब
अगर आप सोच रहे हैं कि चीन से कौन सा माल मंगाएँ, तो ये चार कैटेगरी हैं जिनकी डिमांड मैंने खुद सदर बाजार और मुंबई के थोक मार्केट में देखी है:
- RC खिलौने (बंपर कार्स, ड्रोन, स्टंट कार्स): यिवू के बाजार में थोक रेट 50-80 RMB यानी लगभग ₹600-900 है। भारत में यही खिलौना ₹2,500 में आसानी से बिक जाता है। पर एक कमी है, इस कैटेगरी में रिटर्न सबसे ज्यादा आते हैं। रिमोट और बैटरी वाले हिस्से कमजोर निकलते हैं, इसलिए सैंपल आने पर मैं हर पीस चलाकर जाँचता हूँ।
- STEM एजुकेशनल टॉयज (रोबोटिक्स किट्स, मैग्नेटिक बिल्डिंग ब्लॉक्स): शेन्ज़ेन की फैक्ट्री से 100 पीस का मैग्नेटिक टाइल्स सेट 120 RMB (लगभग ₹1,400) में मिलता है। भारतीय अभिभावक इसे ₹3,500 तक देने को तैयार रहते हैं। दिक्कत सिर्फ वजन की है, शिपिंग खर्च बढ़ जाता है।
- प्रिंटेड बबल गन और पॉप-इट्स: ट्रेंडिंग प्लास्टिक खिलौने। चीन में फैक्ट
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