चीन से क्या आयात करते थे: शुरुआत यहीं से समझिए

पिछले 10 सालों में भारत का चीन से आयात 45% से ज्यादा बढ़ चुका है। फिर भी नए व्यापारी मेरे पास आकर पहला सवाल यही पूछते हैं: चीन से क्या आयात करते थे लोग, और आज किस चीज़ में पैसा बनता है? मैंने बिना डेटा के शुरुआत करने वाले कई ट्रेडर देखे हैं। नतीजा लगभग एक जैसा रहता है। सस्ता माल मंगा, बेच नहीं पाए, या क्वालिटी गिरी और ग्राहक भाग गए। इस लेख में मैं 5 श्रेणियां बताऊंगा जिनमें 2023-24 में भी डिमांड और मार्जिन दोनों हैं। साथ में वे गलतियां भी जो मैंने खुद देखी हैं।

1. इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल एक्सेसरीज़

चीन दुनिया के 60% से ज्यादा मोबाइल फोन और उनके पार्ट्स बनाता है। चीन से आयात की बात चले तो इलेक्ट्रॉनिक्स पहला नाम होता है, और सही वजह से। मेरे एक दिल्ली के क्लाइंट ने शेन्ज़ेन से चार्जर और केबल मंगवाए। लागत लोकल बाजार से 40% कम बैठी और 6 महीने में बिक्री दोगुनी हो गई।

पर एक बात साफ कह दूं। इसी कैटेगरी में सबसे ज्यादा नकली और घटिया स्टॉक भी मिलता है। एक सप्लायर ने सैंपल में मोटी केबल भेजी और बल्क ऑर्डर में पतले तार वाली चला दी। रिटर्न शुरू हो गए। इसलिए:

  • पहला ऑर्डर 100 से 500 पीस तक रखें।
  • हर शिपमेंट में QC रिपोर्ट और सैंपल टेस्टिंग करवाएं।
  • सिर्फ कीमत न देखें। डिलीवरी टाइम और वारंटी शर्तें लिखित रूप में लें।

2. कपड़े और फैशन आइटम

भारत में 70% से ज्यादा रेडीमेड गारमेंट्स चीन से आते हैं, खासकर सस्ते वूलन और सिंथेटिक फैब्रिक। 2023 के आंकड़ों के हिसाब से चीन से कपड़ा आयात की वैल्यू $4.2 बिलियन रही। मुंबई के एक थोक व्यापारी ने गुआंगज़ौ से जैकेट और स्वेटर मंगवाए और अपनी लागत 35% तक घटा ली।