क्या आप भी पहले ही ऑर्डर में मुनाफा खो रहे हैं?

हर साल 40 लाख से ज्यादा भारतीय व्यापारी चीन से सामान मंगाते हैं। इनमें से 60% को पहले ही ऑर्डर में 15-25% का नुकसान होता है। मैंने खुद ऐसे कई मामले देखे हैं और वजह हमेशा वही तीन चीजें निकलीं। गलत सप्लायर चुन लेना, MOQ का हिसाब गलत करना और क्वालिटी चेक छोड़ देना। अगर आप चीन से थोक में सामान खरीदना चाहते हैं, तो यह गाइड आपकी लागत 30% तक घटा सकती है।

चीन से थोक खरीदारी के 3 बड़े आंकड़े

2024 की Alibaba.com Global Sourcing Report के मुताबिक थोक ऑर्डर का औसत साइज $5,000 से $20,000 के बीच रहता है। शंघाई से मुंबई सी-फ्रेट में 18-25 दिन लगते हैं, एयर में 5-7 दिन। असली फायदा मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट का है, जो भारत से 40-60% कम है। शेन्ज़ेन में एक इलेक्ट्रॉनिक टॉय की यूनिट ₹150 में बनती है, भारत में वही ₹350 की पड़ती है। लेकिन मेरे अनुभव में सिर्फ कीमत देखने वाले हमेशा पिटते हैं। 2023 में 38% आयातकों ने क्वालिटी गिरने की शिकायत की, क्योंकि उन्होंने सैंपल मंगाना छोड़ दिया था।

1688 या Alibaba: आपको किस प्लेटफॉर्म पर ऑर्डर करना चाहिए?

Alibaba.com सीधा और वेरिफाइड सप्लायर देता है, पर कीमतें 10-20% ज्यादा होती हैं। 1688.com पर वही सामान 25-40% सस्ता मिलता है। दिल्ली के एक जूते वाले व्यापारी ने 1688 से ₹300 प्रति जोड़ी के हिसाब से 500 जोड़ी लीं, जबकि Alibaba पर वही ₹420 में मिल रही थीं। मगर यहां दो असली दिक्�