धीमा इंटरनेट आपके आयात का हिसाब कैसे बिगाड़ता है

अगर आप चीन से माल मंगाते हैं, तो एक सच पहले सुन लीजिए। 78% खरीदार अपनी इंटरनेट स्पीड की कभी जांच नहीं करते, जबकि मोलभाव में हर 2 सेकंड की देरी आपकी बोली हरा सकती है। मैंने खुद एक ग्राहक को देखा जो 50MB फ़ाइल अपलोड करने में 8 मिनट लगा रहा था। उसी वक्त उसके प्रतिस्पर्धी ने 40 सेकंड में ऑर्डर बुक कर लिया। नतीजा? 15,000 रुपए का ऑर्डर हाथ से निकल गया। इसलिए आज का पहला काम यही है, test my internet speed करें और अपने आयात वर्कफ़्लो की पोल खोलकर देखें।

फ़ाइल अपलोड और वीडियो कॉल में रोज़ का घाटा

चीन के सप्लायर से बातचीत के वक्त हर मिनट की कीमत होती है। एक सामान्य उत्पाद विनिर्देश फ़ाइल 10-50 MB की होती है। मान लीजिए आपका डाउनलोड स्पीड 5 Mbps है, तो 20MB फ़ाइल 32 सेकंड में आ जाती है। लेकिन अपलोड स्पीड ज़्यादातर 1 Mbps ही मिलती है, यानी वही फ़ाइल भेजने में 160 सेकंड। रोज़ 5 फ़ाइलें भेजने प