गलत mini pocket notebook size चुना तो शिपिंग खर्च 40% तक बढ़ सकता है

ज़्यादातर खरीदार समझते हैं कि ‘पॉकेट नोटबुक’ का मतलब एक ही साइज़ होता है। ऐसा नहीं है। चीन से आयात करते वक़्त A6 (105x148mm) और A7 (74x105mm) का फ़र्क आपको प्रति ऑर्डर $500 से $1000 तक का देना पड़ सकता है। मैंने पिछले साल 47 क्लाइंट्स का डेटा देखा। उनमें से 62% ने पहले ही ऑर्डर में गलत साइज़ चुन लिया था। मेरा अनुभव कहता है कि यह गलती जानकारी की कमी से नहीं, जल्दबाज़ी से होती है। तो चलिए, बिना घुमा-फिराए सीधी बात करते हैं।

1. मानक mini pocket notebook size कौन से हैं?

चीन के निर्माता ज़्यादातर तीन स्टैंडर्ड साइज़ पर काम करते हैं: A7 (74x105mm), A6 (105x148mm) और B7 (88x125mm)। A7 सबसे ज़्यादा बिकता है। हमारे 2023 के सर्वे के मुताबिक, चीन से निर्यात होने वाले 73% पॉकेट नोटबुक A7 साइज़ के ही होते हैं। A6 ज़्यादातर डायरी और जर्नल में इस्तेमाल होता है। अब कीमत का हिसाब सुनिए। A6 में A7 से 85% ज़्यादा कागज़ लगता है, इसलिए प्रति नोटबुक लागत 18 से 22% बढ़ जाती है। 10,000 नोटबुक के ऑर्डर में A7 की कीमत $0.35/पीस और A6 की $0.42/पीस आ सकती है। अंतर सीधा $700 का।

कैसे तय करें कि कौन सा साइज़ आपके लिए सही है?

  • नोटबुक शर्ट की जेब में चाहिए? A7 (74x105mm) लें। यह आसानी से फिट हो जाती है।
  • हैंडबैग या बैकपैक के छोटे पॉकेट के लिए A6 (105x148mm) ठीक रहेगा।
  • शुरुआत में कस्टम साइज़ से दूर रहें। MOQ 5000 पीस से ऊपर चला जाता है और मोल्ड चार्ज ₹5000-₹10,000 (लगभग $60-$120) अलग से लगता है।

2. पेपर ग्रामेज और पेज काउंट का असर

एक आम गलती: सिर्फ़ बाहरी डाइमेंशन देख लेना। पेजों की संख्या और पेपर की मोटाई (gsm) पूरा गणित बदल देती है। 200 पेज की A7 नोटबुक (80gsm) की मोटाई लगभग 12mm होती है। यानी 32 पेज की A6 नोटबुक (100gsm) से भी मोटी। एक असली केस बताता हूँ। यूके के एक खरीदार ने अपने इंस्टाग्राम कैंपेन के लिए 200 पेज की A7 नोटबुक का ऑर्डर दिया। नोटबुक आई तो मोटाई की �