चीन से इलेक्ट्रॉनिक्स आयात की शुरुआत कैसे करें
पिछले कुछ सालों में मैंने कई नए आयातकों को चीन से इलेक्ट्रॉनिक्स मँगाते देखा है। जो लोग शुरू में ही अपनी ज़रूरत साफ़ कर लेते हैं, वो आगे टिकते हैं। कौन सा प्रोडक्ट, कितनी मात्रा, कौन सा बजट। ये तीन सवाल पहले जवाब लें, फिर भारत के आयात नियम और लगने वाले शुल्क समझें। इसके उलट जो बिना हिसाब कूद जाते हैं, उनका नुकसान अपनी जेब से होता है।
सबसे पहले IEC कोड बनवाएँ
बिना IEC (Importer Exporter Code) के आयात का काम शुरू ही नहीं होता। ये 10 अंकों का कोड DGFT से मिलता है और शिपमेंट के कस्टम्स क्लियरेंस से पहले ज़रूरी है। मेरे अनुभव में कई नए आयातक ये काम आखिरी वक्त पर छोड़ देते हैं। नतीजा? सामान पोर्ट पर अटक जाता है और बैठक चार्ज चुकाना पड़ता है। आवेदन ऑनलाइन होता है, दस्तावेज़ पहले से तैयार रखें।
टैक्स और शुल्क का पूरा हिसाब
यही सवाल सबसे ज़्यादा पूछा जाता है। चीन से इलेक्ट्रॉनिक्स आयात पर 15% BCD (आयात सीमा शुल्क) लगता है। उसके ऊपर 18% GST भी। यानी आपकी असली लागत सिर्फ सप्लायर की बताई कीमत नहीं है। एक छोटा उदाहरण दूँ: 1,000 डॉलर का ऑर्डर कीजिए, तो भारत पहुँचने तक शुल्क और टैक्स जुड़कर लागत काफी बढ़ जाती है। ये हिसाब ऑर्डर से पहले करें, बाद में मार्जिन कभी नहीं बचता।
सप्लायर चुनते वक्त जहाँ लोग फँसते हैं
चीन में एक ही प्रोडक्ट के सैकड़ों सप्लायर मिल जाएँगे। पर गुणवत्ता एक जैसी नहीं होती। मैंने खुद देखा है कि सैंपल बढ़िया आता है और बड़े ऑर्डर में क्वालिटी गिर जाती है। कुछ निर्माता मात्रा बढ़ने पर मानकों से समझौता कर देते हैं। इससे बचने के लिए:
- क्वालिटी सर्टिफिकेशन लिखित रूप में माँगें, फोन पर कही बात काम नहीं आती
- पहली बड़ी मात्रा में भी तीसरे पक्ष से इंस्पेक्शन करवाएँ
- सप्लायर की पिछली डिलीवरी और रिप्लाई की रफ्तार ज़रूर जाँचें
शिपिंग का इंतज़ाम
सामान को सुरक्षित पहुँचाने का काम फ्रेट फॉरवर्डर करता है। एयर फ्रेट तेज़ है पर महँगा। समुद्री मार्ग धीमा है, पर भारी इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए सस्ता पड़ता है। फॉरवर्डर को अपने प्रोडक्ट की पूरी जानकारी दें: वज़न, साइज़, सामान का तरीका। इंश्योरेंस मत छोड़िए, ट्रांजिट में इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट के नुकसान के मामले आम हैं। नाजुक सामान के लिए पैकिंग अलग से तय करें।
तारीखों का प्लान पहले बनाएँ
ऑर्डर देने से लेकर गोदाम तक पहुँचने का पूरा चार्ट बनाइए। चीन में प्रोडक्शन कितने दिन लेगा, शिपिंग में कितने, फिर कस्टम्स में कितने। चीनी नए साल के आसपास कारखाने हफ्तों तक बंद रहते हैं। ये बात नए आयातक नहीं जानते और स्�
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